डॉ अब्दुल कलाम आजाद के कुछ बातें। - Hindi News Report

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डॉ अब्दुल कलाम आजाद के कुछ बातें।

डॉ. अब्दुल कलाम आजाद हमारे भारत देश के सबसे मत्वपूर्ण व्यक्ति में से एक थे।वे हमेशा हमारे देश के हित के लिए अपना योगदान देते रहे है।वे हमारे देश के वैज्ञानिक भी थे।जिन्होंने रॉकेट लॉन्चर बनाई।आज उनका भी एक बड़ा योगदान है।हमारे यहाँ इतनी विज्ञान की प्रगति के लिए।उनका हर बात में कुछ नया होता था।वे यही मानते थे कि हमेशा कुछ न कुछ करते ही रहे।आप अपने जीवन मे कभी भी बैठे न रहे।आप हमेशा अपने हिसाब से ज्यादा करने की कोशिश करते रहे।और यही सब बात उनको अनोखा बनाता है।



आज डॉ. ये पी जे अब्दुल कलाम हमारे बीच तो नही रहे है।पर उनकी बाटे उनका लाइफस्टाइल हमारे साथ हमेसा रहेगा।आज हम उनकी कुछ बाते के बारे में जानेंगे।
और हम सभी व्यक्ति को अब्दुल कलाम से कुछ न कुछ सीखनी चाहिए।क्योंकि अब्दुल कलाम आजाद के पथ पर जो भी व्यक्ति चलता है।वे कभी भी आने जिंदगी में असफल नही होता है।
क्योंकि अब्दुल कलाम आजाद हमेसा सच की राह पर चलने की सलाह देते थे।और जो सच पर चलता है वे कभी अपने जिंदगी में नही हारता है।

"Dr. A P J Abdul Kalam in Hindi – ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के बारे में रोचक तथ्य"


सपने वो नहीं होते जो रात को सोने पर आते है, सपनें वो होते हैं जो रातों में सोने नहीं देते. ऐसे दमदार विचार रखने वाले भारत के पूर्व राष्ट्रपति A P J Abdul Kalam अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन वो लोगो के दिलो में हमेशा जीवित रहेंगे। वैसे तो अब्दुल कलाम किसी परिचय के मोहताज नही है लेकिन फिर भी उनके बारे में ऐसी रोचक बातें हैं जो आप शायद ही जानते हो.

अब्दुल कलाम की कुछ बातें।


1. Dr. A P J Abdul Kalam का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ.

2. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम “Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam” है।

3. पेशे से नाविक कलाम के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे. ये मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे. पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे।

4. कलाम जब 8 साल के थे, तब से सुबह 4 बजे उठते थे और स्नान करने के बाद गणित पढ़ने चले जाते थे। उनके अध्यापक स्वामीयर की यह विशेषता थी कि जो विद्यार्थी स्नान करके नहीं आता था, वह उसे नहीं पढ़ाते थे। वे कलाम के साथ साथ पाँच और विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष नि:शुल्क ट्यूशन पढ़ाते थे। लिहाजा, तभी से डॉक्टर कलाम को सुबह उठने की आदत है।

5. देश के पूर्व राष्ट्रपति रह चुके डॉक्टर अब्दुल कलाम बचपन में “अखबार” भी बांटा करते थे। दरअसल, वे अपने पिता की आर्थिक तौर पर मदद करना चाहते थे, जिसके लिए वे स्कूल से आने के बाद अखबार बांटने निकल जाया करते थे।

6. 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे. इस दौरान वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया.

7. डॉ कलाम को वर्ष 1997 में भारत रत्न सम्मान से नवाजा गया। आपको बता दें, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण और डॉ जाकिर हुसैन के बाद कलाम ही एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत रत्न मिलने के बाद राष्ट्रपति का पद संभाला। के आर नारायण के हाथों इन्हें भारत रत्न सम्मान प्राप्त हुआ था।

8. डॉ. कलाम को “पीपुल्स प्रेसिडेंट” भी कहा जाता है। क्योंकि वे आम लोगों से काफी नजदीकी रिश्ता बनाकर रखते थे।

9. डॉक्टर कलाम ने एक बार कहा था कि किताबें उनकी प्रिय मित्र हैं। और उनके घर में लाइब्रेरी है, जिसमें हजारों पुस्तकें हैं। वह किताबें उनकी सबसे बड़ी संपदा है।

10. डॉक्टर कलाम युवाओं और बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। यह उनकी लोकप्रियता का ही आलम है कि साल 2003 और 2006 में उन्हें MTV ने बतौर यूथ ऑइकन ऑफ दि ईयर नॉमिनेट किया था।

11. एक इंटरव्यू के दौरान डॉक्टर कलाम ने कहा था, कि संगीत और नृत्य एक ऐसा साधन है, जिसके जरिए हम वैश्विक शांति सुनिश्चित कर सकते हैं। कला में पूरे विश्व को साथ लाने की ताकत है। डॉक्टर कलाम को संगीत से खासा लगाव है।

12. इन्हें “मिसाइल मैन” के नाम से भी संबोधित किया जाता है। डॉक्टर अब्दुल कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह SLV-3 प्रक्षेरपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल है।

13. भारत के राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम 26 मई 2006 को जब स्विट्ज़रलैंड की यात्रा पर वहां पहुंचे, तो स्विट्ज़रलैंड सरकार ने उस दिन को “विज्ञान दिवस” घोषित किया, जो डॉ.आज़ाद को समर्पित है.

14. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने जीवन के सबसे बड़े अफसोस का जिक्र किया था उन्होंने कहा था कि वह अपने माता पिता को उनके जीवनकाल में 24 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा सके.

15. मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि 27 जुलाई 2015 को दिल का दौरा पड़ने से इस महान व्यक्ति का निधन हो गया।
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कमाल के थे कलाम साहब। एक बेहद गरीब परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर बड़े से बड़े सपनो को साकार करने का एक जीता-जागता प्रमाण हैं. सचमुच Dr. A P J Abdul Kalam जैसा व्यक्तित्व का इस धरती पर जन्म लेना भारत के लिए गौरव की बात हैं।

ये कुछ बाते है अब्दुल कलाम आजाद की।जिन्हें हम सभी लोगो को फॉलो करना चाहिए।क्योंकि तरक्की हमेसा उन्ही लोगो को मिलता है जो उनका सच्चा हकदार होता है।जो बिना मेहनत किये तरक्की चाहता है अगर उन्हें ये सब मिल जाएंगे।तो जो लोग मेहनत करते है उनको क्या मिलेगा।इसलिए हमेसा अपने कर्म करो फल की चिंता मत करो।और अब्दुल कलाम आजाद हमेसा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।